बुधवार, 15 फ़रवरी 2023

संगीत में सप्तक किसे कहते हैं ? What is Saptak in Shastriya Sangeet ?

सात शुद्ध स्वरों के समूह को सप्तक कहते हैं। सात स्वरों के नाम है सा रे ग म प ध नी । इसमें प्रत्येक स्वरों की आंदोलन संख्या अपने पिछले स्वर से अधिक होती है।  दूसरे शब्दों में सा से जैसे-जैसे हम बढ़ते जाते हैं, स्वरों की आंदोलन संख्या बढ़ती जाती है। रे की आंदोलन संख्या सा से, ग की रे से और म की ग से  से अधिक होती है । इसी प्रकार प, ध और नी की आंदोलन अपने पिछले स्वरों से ज्यादा होती है। प्रत्येक सप्तक में सा के बाद रे ग, म, प ,ध, नी  स्वर होते है । नी के बाद सां  आता है  और इसी स्वर से दूसरा सप्तक शुरू होता है । सा से नी तक एक सप्तक होता है । नी के बाद दुसरा सा (तार सप्तक ) सा आता है।


शास्त्र कारों ने तीनों सप्तक के निम्नलिखित नाम रखे हैं ।

१. मंद्र सप्तक २. मध्य सप्तक 3. तार सप्तक  जिस 


१. मंद्र सप्तक :- मध्य सप्तक के पहले का सप्तक मंद्र सप्तक कहलाता है। यस अब तक मध्य सप्तक से आधा होता है अर्थात मंद्र सप्तक के प्रत्येक स्वर को आंदोलन संख्या मध्य सप्तक के उसी स्वर के आंदोलन की आधी होगी। उदाहरण के लिए अगर मध्य सप्तक के प की आंदोलन संख्या 360 है तो मंद्र सप्तक खेतों की संख्या 180 होगी । इसी प्रकार अगर मध्य सप्तक के म की आंदोलन 320 है तो मंद्र के आंदोलन 320 की आधी 160 होगी । मंद्र सप्तक में भी सात शुद्ध और पांच विकृत कुल 12 स्वर होते हैं । 


२. मध्य सप्तक :- जिस सप्तक में हम साधारणतः अधिक गाते बजाते हैं मध्य सप्तक कहलाता है।इस सप्तक के स्वरों का उपयोग अन्य सप्तक के स्वरों की अपेक्षा अधिक होता है । यह सप्तक  दोनों सप्तक के मध्य में होता है । इसलिए इसे मध्य सप्तक कहते हैं। मध्य सप्तक के स्वर अपने पिछले सप्तक अर्थात मंद्र सप्तक के स्वरों से दुगुनी ऊंचाई पर और अगले सप्तक अर्थात तार सप्तक के आधे होते है । इसमें 7 शुद्ध और 5 विकृत कुल 12स्वर होते है ।


3.तार सप्तक :- मध्य सप्तक के बाद का सप्तक तार सप्तक कहलाता है। यह सब तक मध्य सप्तक का दुगना ऊंचा होता है । दूसरे शब्दों में तार सप्तक के प्रत्येक स्वर मे मध्य सप्तक के उसी स्वर से दुगुनी आंदोलन रहती है । जैसे कि अगर मध्य सप्तक केरे  कि आंदोलन संख्या 270 है तो तार के रे की आंदोलन संख्या 540 होगी । इसमें भी शुद्ध सात स्वर पांच विकृत कुल 12 स्वर होते हैं । 


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शनिवार, 8 मई 2021

A Short Biography Of Kishore Kumar

आज हम बात करने जा रहे हैं आभास कुमार गांगुली यानी किशोर कुमार जी के बारे में । उनका वास्तविक नाम आभास कुमार गांगुली ही था। इनका जन्म एक बंगाली परिवार में 4 अगस्त 1929 को खंडवा (मध्य प्रदेश) मैं हुआ था।
इनकी मां का नाम गौरा देवी जो एक गृहिणी थी । जबकि पिता कुंज बिहारी गांगुली एक ख्याति प्राप्त बरिस्टर थे ।
इनका  बचपन खंडवा में ही बीता था । यहीं से उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की । किशोर बचपन से ही संगीत के दीवाने थे । वे कॉलेज में भी यार दोस्तों की मंडली बनाकर उन्हें गीत सुनाया करते थे । खासकर वो के.एल.सहगल साहब से तो वह बहुत ही प्रभावित थे और हमेशा उनके गाय गीत गुनगुनाया करते थे । कॉलेज की शिक्षा पूरी करके किशोर कुमार मुंबई चले आए , वही उनके बड़े भाई दादा मुनी यानी अशोक कुमार पहले से ही फिल्मों में एक अच्छे एक्टर स्थापित हो चुके थे , वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दें किशोर कुमार के बड़े भाई अशोक कुमार अपने देश के आजादी के पहले से फिल्मों में काम करते थे  । किशोर कुमार को फिल्मों में स्थापित करने में उन्होंने भी बहुत मदद की । दादा मुनी उन्हें भी फिल्मों में एक्टिंग करने की प्रेरणा देते थे लेकिन किशोर कुमार को अभिनय के बजाय गायन में अधिक रूचि थी ।
उन्हें जन्मजात गायक भी कर सकते हैं । क्योंकि उन्होंने संगीत कि किसी से शिक्षा नहीं ली थी। स्कूल कॉलेज में गायक के रूप में बहुत लोकप्रिय हो चुके थे । उन दिनों अशोक कुमार फिल्मों में नायक के रूप में बहुत लोकप्रिय हो चुके थे। किशोर कुमार चाहते तो मुंबई में पहुंचकर अभिनय के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा से लोकप्रिय हो सकते थे । लेकिन फिल्मी दुनिया में किशोर कुमार ने एक प्ले बैक सिंगर बनने के लिए दौड़-धूप शुरू कर दी ।
                उस समय के लोकप्रिय संगीतकार खेमचंद प्रकाश ने किशोर कुमार की प्रतिभा का अनुभव किया और उन्हें सन् 1948 में फिल्म जिद्दी मैं उन्हें गाने का मौका दिया  । उनके जीवन का पहला गीत देव-  आनंद के लिए रिकॉर्ड किया गया था । उसके बाद देव आनन्द के लिए किशोर कुमार ने बहुत से गीत गाए । 


किशोर कुमार एसडी बर्मन को संगीत जगत में अपना गुरु भी मानते थे ।
किशोर कुमार पहले के.एल.सहगल साहब से इतने प्रभावित थे कि वह गीत भी उन्हीं के अंदाज में गाने की कोशिश करते थे । लेकिन जब उन्हें एसडी बर्मन से मुलाकात हुई तो उन्होंने समझाया कि किशोर तुम्हारी एक अपनी आवाज है तु अपने अंदाज और आवाज में गा ।। 
उन दिनों किशोर कुमार को फिल्मों में अभिनय के लिए भी अवसर मिलने लगा था। सन 1950 के दशक में किशोर कुमार ने विमल राय की फिल्म 'नौकरी' मैं अभिनय किया ।
किशोर कुमार ने  जब फिल्मों में गाना शुरू किया उस समय मोहम्मद रफी , मुकेश कुमार , हेमंत कुमार आदि काफी लोकप्रियता प्राप्त कर चुके थे । उन लोकप्रिय गायकों के रहते गायन में किशोर कुमार का सफल होना सरल नहीं था ।


अब बात करते हैं किशोर कुमार के वैवाहिक जीवन के बारे में - किशोर कुमार वैवाहिक जीवन में सबसे निराश और विवादास्पद बने रहे ।
सबसे पहले उनका विवाह बांग्ला फिल्मों में की चर्चित अभिनेत्री रूमा देवी से हुआ था। रूमा से उनको एक बेटा अमित कुमार मिले थे। वह उन्हें तलाक देकर कोलकाता वापस लौट गई।  फिर उन्होंने अभिनेत्री मधुबाला से विवाह किया लेकिन वे ज्यादा दिन तक जीवित ना रह सकी । फिर मधुबाला के निधन के बाद किशोर कुमार ने योगिता बाली से विवाह किया था। लेकिन वैवाहिक जीवन का सफर जल्दी समाप्त हो गया । उन्होंने किशोर कुमार को तलाक देकर बाबू मोशाय मिथुन चक्रवर्ती से विवाह कर लिया। अंत में किशोर कुमार ने प्रसिद्ध अभिनेत्री लीना चंद्रावरकर से विवाह किया । 


फिर किशोर कुमार के निधन के बाद लीना चंद्रावरकर ने कहा था मेरे पति ने मुझे 7 वर्षों में जो कुछ दिया है वह दूसरा आदमी जीवन भर नहीं दे सकता। यादों का बहुमूल्य खाजाना हमेशा मेरे साथ रहेगा ।
' जीवन के सफर में राही मिलते हैं बिछड़ जाने को और दे जाते हैं यादें तन्हाई में तड़पाने को ' । किशोर कुमार बहुत ही रोमांटिक और मजाकिया थे। और किशोर कुमार जी के किस्से हम जितने भी बताएं सब कम पड़ जाएंगे । किशोर कुमार जी के मजेदार किस्से हम किसी और पोस्ट में भी लिखेंगे और मैं तो इतना ही कहूंगा कि किशोर कुमार जैसे अल्ट्रा लीजेंड व्यक्ति सदीयों में एक बार जन्म लेता है ।। और वह सदा हमारे दिलों में अमर रहते है।।
                                    और मेरे आइडल किशोर कुमार जी को मेरा सादर नमन ।।।। 🙏🙏🙏
              
                                       धन्यवाद 🙏🙏🙏

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मंगलवार, 4 मई 2021

"Can We Get What We Want "! ! ! क्या हम जो चाहते हैं वो पा सकते हैं! ! !

हम साथ एक अनंत शक्ति है । हम सब पर बिल्कुल एक जैसे सिद्धांत लागू होते हैं । हम सब एक शक्ति के साथ जी रहे हैं। यह सिद्धांत है आकर्षण का सिद्धांत । जिसे हम लॉ ऑफ अट्रैक्शन कहते हैं , यह  सिद्धांत ही अपने आप में एक रहस्य है , इसे हम रहस्य भी कह सकते हैं । वह सभी चीजें जो आपकी जिंदगी में आ रही है या घट रही है उसे आप ही आकर्षित कर रहे हैं । और वह आकर्षित होती है उन सभी उसे जिन्हें आपने अपने दिमाग में सोच में एकत्रित कर रखा है । आपके दिमाग में जो कुछ चल रहा है उसे आप अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं।
आप खुद ही सोचिए ऐसा क्यों होता है कि तमाम कमाई का 96% हिस्सा आबादी के 1% लोग ही कमा रहे हैं ! और और आप इसे इत्तेफाक बिल्कुल मत समझिएगा । इसके पीछे एक राज है उन्होंने किसी  एक रहस्य को समझा :- वो है (LAW OF ATTRACTION) मतलब आकर्षण का सिद्धांत और इसी रहस्य को हम आपके साथ बांटने-साझा करने की कोशिश कर रहे हैं ।


आकर्षण के सिद्धांत को आप ऐसे भी समझ सकते हैं की जैसे आप अपने आप को एक चुंबक मान ले तो आप जानते हैं कि आपकी ओर  दूसरे चुंबक भी आकर्षित होंगे । तो ये वैसा ही है । 


ज्यादातर लोग नहीं जानते कि विचारों की फ्रीक्वेंसी होती है। हर विचार के एक फ्रीक्वेंसी होती है। एक विचार को हम माफ सकते हैं।


 किसी विचार को अगर आप बार-बार सोच रहे हैं तो आप अपने दिमाग में उसकी छवि बना रहे हैं । 

जैसे गाड़ी लेनी है , ज्यादा पैसे कमाना है , बड़ा बिजनेसमैन बनना है या किसी इंसान या जीवनसाथी को पाना है। जब आप उसकी छवि बना लेते हैं तो आप उस फ्रीक्वेंसी को लगातार बाहर छोड़ रहे होते हैं । आपके मन में उठे विचार किसी चुंबक की तरह एक सामान विचारों को आपकी ओर खींचता है ।। अपने आपको खुशियों में जीता देखें और आप उसे आकर्षित करेंगे।  


समस्या यह है कि ज्यादातर लोग उसी चीज के बारे में सोचते हैं जो वह नहीं चाहते । और उन्हें हैरानी होती है कि उनके साथ ही यह बार-बार ऐसा क्यों हो रहा है । आकर्षण का सिद्धांत यह परवाह नहीं करता कि जो कुछ आप सोच रहे हैं वह अच्छा है या बुरा । तो अगर आप बैठकर कुछ बुरा सोच रहे हैं , तो पाएंगे कि वही चीज कुछ दिनों में आपके साथ घटने लगती है । इसलिए अच्छा सोचिए। अच्छा महसूस कीजिए। आकर्षण का सिद्धांत बड़ा ही वफादार है - जब आप कोई चीज चाहते हैं और उस पर अपने पूरे इरादे के साथ ध्यान लगाते हैं तो आकर्षण का सिद्धांत वह आपको जरूर देगा हमेशा देगा ।।। यह आप पूर्णत: विश्वास रखिए ।। इसलिए आप जो चाहते हैं उसके बारे में हमेशा अच्छा सोचिए और इस तरह सोचिए कि जैसे आप वह पा चुके हैं। और आप कुछ दिनों या हफ्तों में पाएंगे कि वह चीज आप की ओर आकर्षित हो रही है।।।

                                                        यह विधि करके आप जो चाहे वह पा सकते हैं बन सकते हैं और इसे उपयोग करके मैंने भी बहुत कुछ पाया है और मुझे आशा है कि आगे भी मै यह प्रक्रिया करते हुए मैं जो चाहूंगा वह पाऊंगा । 

               धन्यवाद।।।।। 🙏🙏🙏

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